कभी सोचा है कि आपके मोहल्ले का दर्जी, लोहार या कुम्हार कैसे अपना कारोबार बड़ा करे बिना बैंक की गारंटी के? प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना ने लाखों पारंपरिक कारीगरों को ट्रेनिंग से लोन तक सब कुछ एक छतरीके नीचे दे दिया है।
यह योजना 17 सितंबर 2023 को शुरू हुई, जिसका बजट 13,000 करोड़ रुपये है और 2023-28 तक चलेगी। कारीगरों को आर्थिक सशक्तिकरण देकर औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ना उद्देश्य है। इस लेख में हम ओवरव्यू, लेटेस्ट अपडेट्स, लाभ, आवेदन प्रक्रिया और FAQs कवर करेंगे।
Overview
पीएम विश्वकर्मा योजना 18 पारंपरिक व्यवसायों (जैसे दर्जी, बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार) के कारीगरों के लिए है। पहचान प्रमाण से शुरू होकर स्किल ट्रेनिंग, टूलकिट, सस्ता लोन और मार्केटिंग तक मदद।
Latest Updates
जनवरी 2026 तक 1.30 लाख कारीगरों को ट्रेनिंग मिल चुकी है, नई लिस्ट जारी। योजना के तहत पहले चरण में ₹1 लाख, दूसरे में ₹2 लाख लोन—कुल ₹3 लाख बिना गारंटी।
डिजिटल लेनदेन पर ₹1/ट्रांजेक्शन (मासिक 100 तक) प्रोत्साहन। 2026 में ऑनलाइन फॉर्म शुरू, pmvishwakarma.gov.in पर चेक करें। सरकार: “कारीगरों को आधुनिक बनाएं, रोजगार बढ़ाएं।”
योजना के लाभ
यह योजना कारीगर को पहचान से बाजार तक जोड़ती है। ट्रेनिंग के दौरान भत्ता, टूलकिट से काम आसान, लोन से विस्तार।
- ट्रेनिंग: फ्री स्किल अपग्रेड, सर्टिफिकेट।
- टूलकिट: ₹15,000 आधुनिक औजार।
- लोन: 5% ब्याज, पहले ₹1L फिर ₹2L।
- अन्य: डिजिटल भुगतान इंसेंटिव, मार्केटिंग कोष (₹250 Cr)।
उदाहरण: एक दर्जी ट्रेनिंग+लोन से दुकान बढ़ा सकता है, 2-3 नौकरियां दे सकता है।
आवेदन प्रक्रिया
आवेदन आसान—pmvishwakarma.gov.in या CSC/बैंक पर। 18 व्यवसायों में से चुनें।
जरूरी चरण:
- आधार, बैंक खाता, मोबाइल लिंक।
- फॉर्म भरें, व्यवसाय साबित (फोटो/उदाहरण)।
- वेरिफिकेशन, ट्रेनिंग शेड्यूल।
- स्वीकृति पर ID कार्ड, भत्ता शुरू।
पात्रता: 18+ उम्र, पारंपरिक कारीगर, ITR फाइलर न हो। फॉर्म PDF डाउनलोड उपलब्ध।
राज्यवार प्रगति
उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान में तेजी—लाखों रजिस्ट्रेशन। 2026 लिस्ट में नाम चेक करें।
| राज्य | ट्रेनिंग प्राप्त | लोन वितरित |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 25,000+ | ₹50 Cr+ |
| बिहार | 20,000 | ₹40 Cr |
| महाराष्ट्र | 15,000 | ₹30 Cr |
| राजस्थान | 12,000 | ₹25 Cr |
| मध्य प्रदेश | 10,000 | ₹20 Cr |
भविष्य की दिशा
2026-28 में और विस्तार, e-कॉमर्स लिंकेज। चुनौती: जागरूकता बढ़ाना। कारीगर आत्मनिर्भर बनेंगे।
- डिजिटल मार्केट ऐप आने वाला।
- MSME से लिंक, निर्यात फोकस।
- सलाह: आज रजिस्टर करें।
Conclusion
पीएम विश्वकर्मा योजना कारीगरों का ‘मास्टर प्लान’ है—ट्रेनिंग से लोन तक। 30 लाख लोगों का सशक्तिकरण, आर्थिक क्रांति। देर न करें, pmvishwakarma.gov.in पर अप्लाई करें। भविष्य उज्ज्वल!
FAQs
कौन पात्र है?
18 व्यवसायों के कारीगर, 18+ उम्र।
लोन कैसे मिलेगा?
ट्रेनिंग के बाद, 5% ब्याज।
ट्रेनिंग कितने दिन?
5-10 दिन, ₹500/दिन भत्ता।
टूलकिट कब?
ट्रेनिंग पास करने पर।
ऑनलाइन अप्लाई कैसे?
pmvishwakarma.gov.in।
नई लिस्ट 2026?
जनवरी में जारी।
Disclaimer: Based on sources as of January 25, 2026. Verify officially.













