Income Tax Rules on Saving Bank Account 2026: बचत खाते पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल है, लेकिन अच्छी खबर यह है कि ज्यादातर लोगों को ₹10,000 तक की छूट मिलती है। 2026 में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है, लेकिन RBI ने BSBD खातों के लिए डिजिटल सर्विसेज और मिनिमम बैलेंस नियमों में अपडेट किए हैं।
इस लेख में बचत खाते के ब्याज पर आयकर नियम, डिडक्शन, RBI के नए नियम, कैलकुलेशन उदाहरण और ITR फाइलिंग टिप्स पर पूरी जानकारी दी गई है।
Income Tax Rules on Saving Bank Account 2026 Overview
बचत खाते का ब्याज “अन्य स्रोतों से आय” के अंदर आता है और आपकी टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है। सामान्य लोगों को सेक्शन 80TTA के तहत ₹10,000 तक डिडक्शन मिलता है, जबकि सीनियर सिटिजन्स को 80TTB के तहत ₹50,000 तक। बैंक्स TDS नहीं काटते, खुद ITR में रिपोर्ट करना पड़ता है।
Income Tax Rules on Saving Bank Account 2026 Latest Updates
2026 बजट में बचत खाते ब्याज पर कोई नया टैक्स नियम नहीं आया, पुराने ही लागू हैं। न्यू टैक्स रिजीम में सैलरीड को स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000 तक बढ़ा दिया गया है। RBI ने 1 अप्रैल 2026 से BSBD (बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट) खातों पर फुल डिजिटल सर्विसेज (मोबाइल/इंटरनेट बैंकिंग) अनिवार्य कर दिए हैं।
BSBD पर कैश डिपॉजिट फ्री, फ्री ATM कार्ड, चेकबुक और स्टेटमेंट। जनवरी 15, 2026 से मिनिमम बैलेंस नियम सख्त हुए, लेकिन ग्रामीण/लो इनकम खातों पर छूट। ब्याज आय पर निगरानी बढ़ी, लेकिन मूल रकम पर कोई टैक्स नहीं।
Income Tax Rules on Saving Bank Account 2026 ब्याज कैलकुलेशन
RBI नियमों के अनुसार, ब्याज डेली क्लोजिंग बैलेंस पर कैलकुलेट होता है। उदाहरण: ₹5 लाख बैलेंस, 6% रेट, 30 दिन: ₹5 लाख × 0.06 × 30 / 365 = ₹2,465 मासिक ब्याज।
- सभी खाते (बैंक, पोस्ट ऑफिस, कोऑपरेटिव) का टोटल ब्याज जोड़ें।
- FD/RD ब्याज अलग, 80TTA पर लागू नहीं।
- सालाना टोटल >₹10,000 होने पर एक्स्ट्रा टैक्सेबल।
टैक्स डिडक्शन नियम
सेक्शन 80TTA सामान्य लोगों (60 साल से कम) के लिए ₹10,000 तक डिडक्शन देता है। सीनियर सिटिजन्स (60+) को 80TTB से ₹50,000 तक सभी ब्याज (सेविंग्स+FD/RD) पर।
| श्रेणी | अधिकतम डिडक्शन | लागू |
|---|---|---|
| व्यक्ति/HUF <60 साल | ₹10,000 | केवल सेविंग्स ब्याज |
| सीनियर सिटिजन्स >60 साल | ₹50,000 | सेविंग्स+FD/RD ब्याज |
| NRI | केवल NRO अकाउंट पर ₹10,000 | NRE टैक्स फ्री |
न्यू रिजीम में ये डिडक्शन नहीं, लेकिन टैक्स स्लैब आसान।
RBI के नए नियम 2026
RBI ने सेविंग्स अकाउंट्स के लिए कई अपडेट्स किए हैं, लेकिन ब्याज टैक्स पर डायरेक्ट असर नहीं।
- BSBD खाते: 1 अप्रैल 2026 से फुल डिजिटल बैंकिंग, फ्री कैश डिपॉजिट (ब्रांच/ATM/BC), फ्री ATM/चेकबुक।
- मिनिमम बैलेंस: जनवरी 15, 2026 से नए फ्रेमवर्क, ग्रामीण/स्टूडेंट्स को छूट।
- नॉमिनी/डिपॉजिट नियम: फरवरी 2026 से बदलाव, लेकिन सेविंग्स पर सीमित प्रभाव।
- बैंकों को डिजिटल सर्विसेज बढ़ाने का आदेश।
ITR में रिपोर्टिंग
ITR-1/ITR-2 में “इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज” में ब्याज ऐड करें। फिर चैप्टर VI-A में 80TTA/80TTB क्लेम करें।
उदाहरण: सैलरी ₹5 लाख, सेविंग्स ब्याज ₹5,000, FD ₹15,000, 80C ₹10,000। टैक्सेबल: ₹4,55,000 (पुराना रिजीम)।
बचाव टिप्स
टैक्स बचाने के लिए:
- ब्याज ₹10,000 से कम रखें या सीनियर बनें।
- मल्टीपल अकाउंट्स का टोटल चेक करें।
- BSBD खाता खोलें फ्री सर्विसेज के लिए।
- ITR समय पर फाइल करें, स्क्रूटनी से बचें।
Conclusion
बचत खाते पर ब्याज टैक्स फ्री नहीं, लेकिन ₹10,000 तक डिडक्शन से ज्यादातर लोग बच जाते हैं। 2026 में RBI के BSBD और मिनिमम बैलेंस नियम सेविंग्स को आसान बनाते हैं। ITR में सही रिपोर्ट करें ताकि पेनल्टी न हो। सही प्लानिंग से टैक्स बचा सकते हैं।
FAQs
बचत खाते ब्याज पर टैक्स कितना लगता है?
आपकी टैक्स स्लैब के अनुसार, लेकिन ₹10,000 तक डिडक्शन (सामान्य), ₹50,000 (सीनियर)।
RBI का 2026 नया नियम क्या है?
BSBD पर फुल डिजिटल बैंकिंग और फ्री सर्विसेज 1 अप्रैल से।
TDS लगता है?
नहीं, केवल FD/RD पर।
कई अकाउंट्स पर डिडक्शन?
हां, लेकिन टोटल ₹10,000 लिमिट।
न्यू रिजीम में डिडक्शन?
नहीं, लेकिन स्लैब आसान।
NRI को फायदा?
NRO पर हां, NRE टैक्स फ्री।
Disclaimer: Based on sources as of 20 January 2026. Verify officially.













